Kanha Kamboj shayari | kanha kamboj shayari latest in hindi

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दोस्तों, आज हम आप सभी के लिए एक बहुत ही खास पोस्ट लेकर आए हैं। इस पोस्ट में हमने हरियाणा के फेमस शायर और स्टोरी टेलर Kanha Kamboj shayari  की बेहतरीन शायरी और रचनाओं का एक खास कलेक्शन तैयार किया है। सोशल मीडिया पर उनकी शायरी और कहानी कहने का अंदाज़ लोगों के दिलों को छू जाता है, और उनकी कई रचनाएँ इंटरनेट पर काफ़ी वायरल भी हो चुकी हैं। इसी वजह से हमने उनकी चुनिंदा और लोकप्रिय शायरियों को एक ही जगह आपके लिए संजोया है, ताकि आप उनकी लिखी हुई कृतियों को आसानी से पढ़ सकें।

कान्हा कंबोज आज के समय में सोशल मीडिया के बेहद चर्चित शायरों में से एक हैं। उनकी शायरी में सच्चाई, दर्द और सोच का ऐसा मेल देखने को मिलता है जो सीधे दिल तक पहुँचता है। “तेरा दिमाग खराब है क्या”, “यहाँ गवाह मेरे मोहल्ले से भी बुलाया जाए तो अच्छा रहेगा” जैसी कई पंक्तियाँ और कहानियाँ उनकी पहचान बन चुकी हैं। हमें पूरा विश्वास है कि यह पोस्ट पढ़कर आपको ज़रूर अच्छा लगेगा। अगर आपको यह कलेक्शन पसंद आए, तो इसे आगे ज़रूर शेयर करें और कान्हा कंबोज की बेहतरीन शायरी को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाने में अपना सहयोग दें, क्योंकि ऐसी शानदार रचनाएँ हर दिल तक पहुँचनी चाहिए।

Kanha Kamboj shayari 

बड़ी मसकत के बाद भी निकल नहीं जा रहे हैं 

जहां से तेरी याद के जेल जा रहे हैं 

एक तू है  संभाल रही है यह नए-नए आशिक 

एक हम हैं जो खुद से संभाले नहीं जा रहे हैं 

मैं एक ऐसे शख्स पर ठोक दिया मोहब्बत का दवा 

जिससे अपने दोस्त भी टाले नहीं जा रहे हैं।।

kanha kamboj shayari ghadi tik tik ki awaz karti hai

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Tere baad Humne ye jaana,

Ghadi tik tik ki aawaz karti hai …!!

Kanha Kamboj shayari on Pagal

देखो है कितना बिचारा पागल 

दरबदर भटकता है बेसहारा पागल ।।

एक बार को तो आया तरस मेरी हालत पर 

फिर उन्होंने कहा मुझे दोबारा पागल ।।

अभी न तक पैर पानी की सतह पर 

अभी तो बहुत दूर है किनारा पागल ।।

हमने खत में लिखा हाले दिल अपना 

और उसे खत के आखिर में लिखा तुम्हारा पागल ।।

pagal kanha kamboj shayari

मैं चाहता था किस्से इश्क़ के मशहूर हो 

किसे करना था यहां बस गुजर पागल ।।

वह तो गांव में है फिर यह किसने 

उसकी आवाज में हमें पुकार पागल ।।

अब तो जेहन तक यह पागल हो गया है कान्हा

अब तो क्या ही बनाओगे तुम हमारा पागल ।।

सारी रात उसे छूने से डरता रहा 

मैं बेबस , बेचैन बस करवटें बदलते रहा 

हाथ तो मेरा ही था उसके हाथ में 

बस बात यह है कि जिक्र किसी और का चला रहा ।।

Gavaha mere mohale se bulaye jaye by kanha kamboj

यह कैसा सितम था उसका कुछ पलों 

की मोहब्बत के लिए 

मुझे सालों आजमाया गया 

उन्होंने पहले मेरी फांसी मुकर्रर कर दी 

अदालत में मुझे बाद में ले जाया  गया ।।

हम इस लहजे में सबसे बात नहीं करते by kanha kamboj

माना कि हम अदब से बात नहीं करते 

माना कि हम मतलब से बात नहीं करते 

यह नरम लहजा प्यारी बातें तेरे लिए हैं 

हम इस लहजे में सबसे बात नहीं करते।

कभी अय्याशी तो कभी की है मैं किसी यारों 

पर असल में खो गई हमें दिल्लगी यह यारों 

है जिम्मेदारी जो जिंदा है हम वरना 

नाकाम इश्क में जायज है खुदकुशी यारों ।।

मर गए लोग  by kanha kamboj shayari in hindi

सुना है तेरी चाहत में मर गए लोग 

यानी बहुत कुछ बड़ा कर गए लोग 

सोचा की देखेगे तुझे और देखकर सोचा 

यह तुझे देखकर क्या कर गए लोग ।।

गुजरी हुई जिंदगी को कभी याद ना कर 

तकदीर में जो नहीं उसकी फरियाद न कर 

जो होगा वह होकर ही रहेगा 

तू कल की फिक्र में आज की ऐसी बर्बाद ना कर ।।

वह कहने को तो मेरा कुछ नहीं लगता था 

लेकिन बिछड़ कर उसे मेरा दिल बहुत घबरा रहा था 

मुझे उसे शाख से इतनी मोहब्बत हो गई कि 

अब मैं उसकी सारी आदतें अपना रहा था।।

सब कुछ बताया जाए तो अच्छा रहेगा  by kanha kamboj

सब कुछ बताया जाए तो अच्छा रहेगा 

अब कुछ ना छुपाया जाए तो अच्छा रहेगा 

अदालत सजी तेरे मोहल्ले में तो कोई गिला नहीं 

गवाह मेरे मोहल्ले भी बुलाया जाए तो अच्छा रहेगा।।

और मुझ में तोहमते  लगी है तेरे मोहल्ले से गुजरने की 

रास्ता बाजार जाने का तेरा भी बताया जाए तो अच्छा रहेगा ।।

और उसके दिल से ही नहीं तिल से भी बहुत कत्लेआम हुए हैं

रकीब को दिल से पहले तिल से वाकिफ कराया जाए तो अच्छा रहेगा ।।

वह अपने बदन पर उंगलियों के निशान दिखा कार्रवाई की उम्मीद कर रही है 

दाग गार्डन के मेरे भी दिखाया जाए तो अच्छा रहेगा ।।

और साहब वह मेरे घर से निकाल , किसी और के घर भी जाति देखी है 

निशा उंगलियों के रकीब के भी मिलाया जाए तो अच्छा रहेगा ।।

मेरे खत चला नहीं मुझे लौटा दे 

आखिर तेरी ही आंख में दुआ लगेगा

यह मेरी मुकम्मल बेचैनी थोड़ी है 

अभी मुझे देखकर और बुरा लगेगा ।।

तूने रिश्ता तोड़ा है मजबूरी होगी मैं मानता हूं 

मुझे तो निभाना दे मैं तुझे भला क्या मांगता हूं 

दर्द में देखकर तुम मुझे मुस्कुरा रही है 

मैं कितना पागल हूं तू हस्ती रहे यही दुआ मांगता हूं।।

एक तरफा ही हम तुम पर मरते रहेंगे तो

जान ऐसा हम कब तक करते रहेंगे दोस्त बनकर रहते हैं

ना दोस्त आशिकी में तो हम तुम मरते रहेंगे ।।

जिंदगी किसी के याद में बसर हो रही हैं

उसी की दुआ जो अब तक असर हो रही है

तुम तो कहती थी कोई ताल्लुक नहीं रखना

फिर क्यों तुम्हारी गजलें मुझे नजर हो रही है ।।।

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